डीएम और सीएमओ के बीच चल रहा विवाद शासन के स्तर तक पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार सीएमओ हटाए जा सकते हैं।
कानपुर के डीएम जेपी सिंह और सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच विवाद शासन स्तर तक पहुंच गया है। मामले में शीघ्र समाधान ढूंढने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि शीघ्र ही सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी हटाए जा सकते हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जिस ऑडियो पर डीएम को आपत्ति है, उसकी जांच भी कराए जाने पर विचार चल रहा है। अगर यह सीएमओ की आवाज निकली तो नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।
मामले ने पकड़ा हुआ है तूल
कानपुर में जिलाधिकारी पर टिप्पणी करने वाला सीएमओ का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम बनाम सीएमओ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसमें सीएमओ के बचाव में विधानसभा अध्यक्ष सहित तीन जनप्रतिनिधि भी उतर आए हैं। वहीं, बिठूर विधायक ने मुख्यमंत्री से डीएम के समर्थन में पत्र लिखकर अपील की है। इस मामले की चर्चा कानपुर से लेकर लखनऊ तक हो रही है।
महाना के अलावा गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी, एमएलसी अरुण पाठक की ओर से सीएमओ को महानगर से नहीं हटाने का पत्र प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लिखा है। इन सभी का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इन जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा है कि यदि डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कोई अनियमितता या कार्य में लापरवाही पकड़ी है, तो उस पर वह कड़ी कार्रवाई करें।
सीएमओ ने रखा था अपना पक्ष
डीएम को लेकर सीएमओ के वायरल ऑडियो के विवाद को लेकर सीएमओ हरिदत्त नेमी ने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने स्वीकार किया कि डीएम ने उनको बैठक से बाहर जाने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार भी किया। उनका कहना था कि व्यवस्था सुधारने के लिए उनकी सख्ती से नाखुश लोगों ने ही उनके बारे में डीएम को गलत फीड किया।
सीएमओ डॉ. नेमी ने कहा कि डैश बोर्ड की बैठक से बाहर निकाला जाना उनके लिए अपमानजनक स्थिति रही। कुछ लोगों ने ऑडियो क्लिप बनवाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। क्लिप से उनका कोई लेना-देना नहीं है। विभागीय पटल बदल देने से विभाग के कुछ लोग उनसे नाराज हो गए। इसके अलावा एक फर्म का उन्होंने भुगतान रोक दिया था। यह फर्म दवा सप्लाई करती है।
कहा- उनकी कार्यशैली से शहर के जनप्रतिनिधि खुश
मैंने देखा कि सप्लाई में बहुत अनियमितताएं हैं, तो पेमेंट रोकने के साथ ही इसकी शिकायत अधिकारियों से की। कई विभागीय लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की। उन्हीं लोगों ने एकजुट होकर मेरे खिलाफ डीएम के कान भरे हैं। इस फर्म ने तीन के बजाए दो साल का ही आईटीआर दाखिल किया। उन्होंने कहा कि जहां डीएम निरीक्षण करते रहे वहां की स्थिति मैंने भी देखी और गड़बड़ी पर कार्रवाई की। सीएमओ ने कहा कि उनकी कार्यशैली से शहर के जनप्रतिनिधि खुश हैं।
