संवेदनशील जगहों पर रील बनाने वाले पुलिसकर्मी नहीं होंगे तैनात

सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि रील बनाने के शौकीन पुलिसकर्मी संवेदनशील जगहों पर तैनात नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशील जगहों पर रील बनाने के शौकीन पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं करने का सख्त निर्देश दिया ताकि जनसेवा के कार्य में मर्यादा और अनुशासन बना रहे। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने देव दीपावली समेत आगामी पर्व, त्योहार, मेलों के आयोजन, कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, धान बिक्री की प्रगति की समीक्षा की।
सीएम ने कहा कि स्नान पर्वों और मेलों के सकुशल आयोजन के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता तैयारियों का आधार हो। प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थलों पर अराजक-अवांछनीय तत्वों की उपस्थिति न होने दी जाए। चौकसी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और विभिन्न मेलों में स्नान घाटों पर प्रकाश, सीसीटीवी, फ्लोटिंग बैरियर और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) में लाखों श्रद्धालु घाटों और मेलों में पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हो। इसमें लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, फ्लोटिंग बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मोबाइल टॉयलेट, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

नदियों का जलस्तर अभी ऊँचा है और प्रवाह तेज है, इसलिए स्नान घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती हो। बिना लाइफ जैकेट बोटिंग न हो। काशी, अयोध्या, प्रयागराज, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बदायूं और बलिया जैसे जिलों में विशेष निगरानी की जाए।

धान खरीद में बिचौलियों की भूमिका नहीं
योगी ने कहा कि धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे और किसानों को असुविधा न हो। किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी। डीएम खाद एवं उन्नत बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। हाल की वर्षा से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कर बिना विलम्ब क्षतिपूर्ति का भुगतान करें।

अवैध खनन पर सख्त
अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएं। यदि किसी भी क्षेत्र में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी। डीएम निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। प्रत्येक गोवंश को चारा-पानी और चिकित्सा की समुचित सुविधा मिले। आशा बहू, आंगनबाड़ी, रसोइया आदि मानदेय कर्मियों को हर माह भुगतान हो।

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