इस योजना के तहत प्रशिक्षित टीम जिला व जोन स्तर के पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। जिससे प्रदेश के हर जिले की पुलिस, जोन व रेंज स्तर की टीम में साइबर कमांडो की तैनाती की जा सके।
साइबर अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए साइबर कमांडो की एक टीम तैयार की गई है। आधुनिक उपकरणों और साइबर संबंधी जानकारी से ये कमांडो लैस हैं। टीम को मुख्यालय में तैनात किया गया। फिलहाल कमांडो जिले, जोन व रेंज के पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इससे साइबर अपराध को रोकने और अपराधियों को गिरफ्त में लेने में आसानी होगी।
डीजी साइबर व सीआईडी बिनोद कुमार के मुताबिक 15 सदस्यीय टीम को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी कानपुर, नया रायपुर, मद्रास व राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट के साथ साथ गुजरात के साइबर विशेषज्ञों ने ट्रेनिंग दी गई है। जिसमें तकनीकी तौर पर जानकारी दी गई है कि किस तरह से साइबर अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है। अगर अपराध हो गया है तो साइबर अपराधियों को कैसे ट्रेस किया जा सकता है और ठगी की रकम को कैसे सुरक्षित किया जा सकता है। तमाम टूल्स भी टीम को मुहैया कराए गए हैं। डीजी ने बताया कि एसपीजी और एनएसजी के कमांडो जिस तरह से अपने कार्य क्षेत्र में दक्ष होते हैं उसी तरह से ये कमांडो साइबर के क्षेत्र में सक्षम होंगे।
ताकि स्थानीय स्तर पर हो पुख्ता कार्रवाई
प्रशिक्षित टीम जिला व जोन स्तर के पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। जिससे प्रदेश के हर जिले की पुलिस, जोन व रेंज स्तर की टीम में साइबर कमांडो की तैनाती की जा सके। जो केवल साइबर अपराध से जुड़े मामलों की विवेचना आदि करेंगे। चूंकि प्रत्येक जिले में साइबर अपराध की घटनाएं हो रही हैं, वहां एक्सपर्ट की टीम होने से कार्रवाई करने में आसानी होगी।
इन मुख्य अपराधों से निपटना बेहद जरूरी
साइबर ठगी, ऑनलाइन साइबर हमले, सोशल मीडिया अपराध, डाटा चोरी, फिशिंग और डिजिटल ब्लैकमेलिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध से निपटना चुनौती बन गया है। एक्सपर्ट इन मामलों में बेहतर कार्रवाई करेंगे।
