यूजीसी एक्ट-2026, विरोध में करणी सेना का अर्धनग्न प्रदर्शन

यूजीसी एक्ट-2026 के विरोध में लखनऊ में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया। विधान भवन जाते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, जिस पर प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए। संगठन ने कानून को काला बताते हुए वापस लेने की मांग की है।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) एक्ट-2026 के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को हंगामा किया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और परिवर्तन चौक पर घूम-घूम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर यूजीसी एक्ट 2026 को काला कानून बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू की अगुवाई में परिवर्तन चौक पर एकत्र कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर विधान भवन की ओर कूच कर दिया।
नाराज कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी की
पुलिस ने उन्हें केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोका तो नाराज कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के समझाने पर प्रदर्शनकारी वापस लौटे और अर्धनग्न होकर नारेबाजी करने लगे। परिवर्तन चौक पर घूम-घूम कर आक्रोश जताते रहे। दुर्गेश सिंह दीपू ने कहा कि यूजीसी का नया नियम सवर्णों के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
यह कानून वापस नहीं हुआ
यह कानून वापस नहीं हुआ तो वर्ष 2027 में इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर हमारे समाज से नफरत है तो हमारी जमीनों को वापस कर हमारे लिए अलग देश बना दें। संगठन के प्रदेश महासचिव ठाकुर रणविजय सिंह ने कहा कि नए नियम में सिर्फ एक वर्ग को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को राजनीति और जातिगत द्वेष से मुक्त रखा जाए। इस मौके पर मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनीत सिंह, अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह सूयवंशी, महामंत्री अविनाश सिंह, ठाकुर राजेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

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