विधायकों का फोन नहीं वाले अफसरों पर होगी कार्रवाईशासन द्वारा विधायिका को मजबूत करने की पूरी पहल की जाती है, लेकिन कुछ अधिकारियों के स्तर पर सजग होकर इसका अनुपालन कराने की आवश्यकता है। कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका एक-दूसरे की पूरक हैं।
तीनों एक-दूसरे की परिधि और क्षेत्राधिकार का सम्मान करें। अपने दायित्व, कर्तव्य, अधिकार एवं सीमाओं का दृढ़ता से पालन करें7 इसमें हस्तक्षेप लोकतंत्र के उद्देश्यों के विपरीत होगा। इससे आने वाली पीढ़ी के लिए हम सुखद विरासत नहीं छोड़ पाएंगे।
तो फैलेगी अराजकता
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था बिगड़ने से अराजकता होगी, जिसको आने वाले समय में संभालना मुश्किल होगा। सदस्यों से भी अपेक्षित है कि वह कार्यपालिका और न्यायपालिका की मर्यादा का सम्मान करें। जो राजनेता अगली पीढ़ी के लिए काम करते हैं, उन्हें हम स्टेट्समैन की संज्ञा देते हैं। हम जनता के कार्यों के लिए ही यहां जुटते हैं।
जारी होंगे निर्देश
अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध किया कि वह इस बाबत आवश्यक निर्देश जारी करें। जो आदेश पूर्व में कई बार जारी हो चुके हैं, उनका अनुपालन कराने का कड़ा निर्देश दें। शासनादेश का पालन न करना अधिकारियों की सेवा नियमावली का उल्लंघन है। अनुपालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए।
