रिश्वत लेते CGST अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर रंगेहाथ गिरफ्तार

सीबीआई ने एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर ये कार्रवाई की। जैसे ही सीजीएसटी अधीक्षक संजय मीना और उसके साथ कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा ने रिश्वत की रकम पड़ी, सीबीआई ने तभी दोनों को धर दबोचा। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मेरठ में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई की टीम ने वाणिज्यिक कर (CGST) विभाग के एक अधीक्षक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

शिकायत और जाल बिछाना

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को एक स्थानीय व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि सीजीएसटी कार्यालय रेंज वन मेरठ कार्यालय में तैनात अधीक्षक संजय मीना एक व्यापारी के महत्वपूर्ण कार्य को करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है। इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत, सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया।

रंगे हाथों गिरफ्तारी

योजना के अनुसार, जैसे ही सीजीएसटी अधीक्षक संजय मीना और उसके साथ कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा ने रिश्वत की छह हजार रुपये की रकम स्वीकार की, सीबीआई की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप की स्थिति है और आगे की जांच जारी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर प्रयास

यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। सीबीआई लगातार ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है जो अपने पद का दुरुपयोग कर जनता के काम के बदले पैसों की मांग करते हैं। इस तरह की गिरफ्तारियां आम जनता में विश्वास पैदा करती हैं और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछताछ जारी है। सीबीआई यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं और यह कब से चल रहा था। इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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