लाखों रुपये की ठगी मामले में मुबारकपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई कर दी। आरोप है कि सैलेरी के नाम पर लगभग 21 हजार रुपये भेजकर युवक को जाल में फंसाया गया था।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर निवासी रामप्रसाद चौहान ने अपने दो बेरोजगार पुत्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख 39 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को प्रार्थना पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामले में मुबारकपुर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, रोजगार की तलाश के दौरान उनकी मुलाकात सुमित कुमार निवासी चक हपसापुर थाना भीमपुरा बलिया से हुई। सुमित ने उन्हें रोशन कुमार और बाद में नीलेश कुमार निवासी दोहरीघाट (मऊ) और आदित्य सिंह से मिलवाया।
आरोप है कि सभी ने मिलकर साजिश के तहत उनके पुत्र अभय चौहान व रोशन चौहान को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और किस्तों में नकद व ऑनलाइन माध्यम से रकम वसूल की। रामप्रसाद चौहान ने बताया कि देवरिया में 8 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके अतिरिक्त यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक खातों से फोन-पे के माध्यम से सुष्मिता कुमारी व सुनील कुमार खरवार के खातों में विभिन्न तिथियों पर कुल 12,39,000 रुपये से अधिक की धनराशि ट्रांसफर की गई। इस प्रकार कुल 20,39,000 रुपये आरोपियों ने ले लिए।
पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत में उल्लेख है कि भरोसा दिलाने के लिए 11 जुलाई 2025 को अभय चौहान के खाते में 21,500 रुपये वेतन के रूप में नेफ्ट के जरिए भेजे गए, ताकि नौकरी लगने का विश्वास बना रहे। लेकिन लंबे समय तक नियुक्ति पत्र न मिलने पर जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
रामप्रसाद चौहान का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करता है। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ मंडल, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ व मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।
इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
थाना प्रभारी शशि मौली पांडेय ने बताया कि आरोपी सुमित कुमार, रोशन कुमार, नीलेश कुमार, आदित्य, सुष्मिता कुमारी और सुनील कुमार खरवार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
