
आजमगढ़ जिले में चालान माफी का लाभ लेने वाले 2345 लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वर्ष 2017 से 2021 के बीच में हुए चालान को सरकार की ओर से माफ कर दिया गया था। अब पांच साल बाद चालान माफी की फाइलें फिर खुलेंगी।
आजमगढ़ जिले में चालान माफी का लाभ लेने वाले 2345 वाहन स्वामियों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। वर्ष 2017 से 2021 के बीच माफ किए गए चालानों में बार-बार यातायात नियम तोड़ने और गंभीर उल्लंघनों से जुड़े मामलों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। न्यायालय के आदेश के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगालने के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसके बाद पात्र मामलों में दोबारा जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू होगी।
यातायात नियम तोड़ने वाले वाले वाहनों पर जुर्माना का प्रावधान है, इससे कोई नियम का उल्लंघन न करे। इसमें समय-समय पर जुर्माना और कार्रवाई के नियम के कायदे में बदलाव होता रहता है। वर्ष 2017 से 2021 के बीच में हुए चालान को सरकार की ओर से माफ कर दिया गया था। कोविड काल के बीच जुर्माना राशि को माफ किया गया था।
वाहनों की दोबारा फाइल खोलने और जुर्माना जमा कराने के संबंध में आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद हलचल मच गई है। क्योंकि, जिन 2345 वाहनों की जांच और जुर्माना वसूल करने के लिए कहा है उनमें भी बार-बार नियम तोड़ने और अन्य गंभीर अपराध के मामले में शामिल हो सकते हैं। अब उनकी जांच करके फिर वसूल किया जाए। इसके लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस आदेश के बाद संभागीय परिवहन विभाग में हलचल मच गई है। उन्हें अब दोबारा चार पांच साल पुरानी और एक साथ चार साल की फाइल को पलटना होगा। इसके बाद श्रेणी तैयार की जाएगी, फिर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने बताया कि कमेटी गठित की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किन मामलों में फिर भरना पड़ सकता है जुर्माना
वर्ष 2017 से 2021 के बीच के माफ चालानों की होगी समीक्षा
बार-बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन स्वामी जांच के दायरे में
गंभीर अपराध या खतरनाक ड्राइविंग से जुड़े मामलों की होगी अलग जांच
जिला स्तर पर विशेष कमेटी करेगी फाइलों का परीक्षण
पात्र पाए जाने पर दोबारा जुर्माना वसूला जाएगा
अंतिम संख्या जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी
क्या है मामला
कोविड काल के दौरान वर्ष 2017 से 2021 के बीच किए गए लाखों ई-चालानों को सरकार ने राहत देते हुए माफ कर दिया था। बाद में इस फैसले को लेकर न्यायालय में मामला पहुंचा। न्यायालय ने पाया कि माफी का लाभ ऐसे वाहनों को भी मिल गया, जो बार-बार नियम उल्लंघन या गंभीर यातायात अपराधों में शामिल थे। इसके बाद संबंधित मामलों की दोबारा जांच कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अब परिवहन विभाग जिला स्तर पर कमेटी बनाकर पुराने रिकॉर्ड की जांच करेगा और दोषी पाए जाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चालान माफी की फाइलें खोलने की बात सुनने में आ रही थी। हालांकि अभी तक मेरे पास कोई आदेश नहीं आया है। यदि न्यायालय से इस तरह का आदेश आता है तो कमेटी गठित की जाएगी। जांच के बाद पात्र मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन आजमगढ़
