
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद झूठी एफआईआर और गलत गवाही देने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच में आरोप गलत पाए जाने पर शिकायतकर्ता और गवाहों के खिलाफ केस दर्ज होगा। पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में लापरवाही न बरतने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
झूठी एफआईआर दर्ज कराने और गलत गवाही देने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण ने महकमे के सभी अधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे मामलों में लापरवाही बिल्कुल न बरतने की हिदायत दी है।
आदेश में कहा गया है कि यदि किसी मामले की जांच के बाद पुलिस अदालत में फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) लगाती है और आरोपी को निर्दोष पाया जाता है तो यह भी जांचा जाए कि कहीं पुलिस तंत्र का दुरुपयोग तो नहीं किया गया।
यदि यह सामने आता है कि शिकायतकर्ता या गवाहों ने झूठी, भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी दी थी तो उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मजिस्ट्रेट के सामने लिखित शिकायत पेश करना जरूरी होगा।
इसमें विशेष रूप से झूठी सूचना देने और गुमराह करने से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। उच्चाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए है कि सभी विवेचकों से इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं।
