जब बिजली के स्मार्ट मीटर में हो सकती है गड़बड़ी तो ईवीएम में क्यों नहीं- अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेसवार्ता की। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ा दी गई है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले करते हुए उसे झूठ की सोनपापड़ी बनाने वाली पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता इस बात को बखूबी जानती थी कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई का ग्राफ ऊपर जाएगा, और आज वही हो रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने करीबियों को ज्यादा मुनाफा कमाने से नहीं रोक रही है, जिसके कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमें तब तक नहीं रुकना चाहिए जब तक हम अपना लक्ष्य हासिल न कर लें।

सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी सरकार में बांटे गए लैपटॉप आज भी सुचारू रूप से चल रहे हैं, जिन्हें डिजिटल डिवाइड खत्म करने के उद्देश्य से दिया गया था। सरकारी कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्होंने हरदोई जाने का एक किस्सा सुनाया, जहाँ प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे बंद होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जिस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री ने किया हो, उसका बंद होना बड़ी बेइज्जती की बात होती। अखिलेश के इस हस्तक्षेप के बाद न केवल एक्सप्रेस-वे खुला, बल्कि कुछ दिनों के लिए उसे मुफ्त भी कर दिया गया।

चुनावों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर में बेईमानी संभव है, तो ईवीएम में गड़बड़ी क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने निर्वाचन आयोग को एक निष्पक्ष संस्था बताते हुए भी रामपुर और अन्य उपचुनावों के अनुभवों का जिक्र किया और कहा कि भाजपा भय का माहौल बनाकर चुनाव लड़ती है। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां जनता का चुनाव है और ‘दीदी’ (ममता बनर्जी) ही वहां बनी रहेंगी। अंत में उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि अकेले गोरखपुर में ही हजारों शिक्षकों के पद कम हो गए हैं, जिससे पूरे प्रदेश की चिंताजनक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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