उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष अभियान में अचार, सॉस, जैम, जेली और चटनी बनाने वाली कई इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। 337 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में 195.5 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि 171.8 क्विंटल मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया। 15 और 16 जून को फल-सब्जी उत्पादों से बनने वाले खाद्य पदार्थों की इकाइयों का निरीक्षण हुआ। इस दौरान मानकों का उल्लंघन और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियां सामने आईं। मानकों को ताक पर रखकर अचार, सॉस, जैम, जेली व चटनी आदि बनाया जा रहा था।
विभाग की टीम ने दो दिन में 337 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कुल 550 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। कई स्थानों पर सड़ी-गली सामग्री और रसायन का प्रयोग पाया गया। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और कच्चे माल की गुणवत्ता जांची।
195.5 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किया गया, जिसका मूल्य करीब 17.06 लाख रुपये है। मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त 171.8 क्विंटल खाद्य पदार्थ नष्ट किया गया। इसका अनुमानित मूल्य करीब 11.86 लाख रुपये है। छोटे खुदरा विक्रेताओं को इस अभियान से बाहर रखा गया।
लखनऊ में मुंबई फूड इंडस्ट्रीज से 458 किलोग्राम सॉस सीज हुआ। बाबा फूड प्रोडक्ट्स बिना लाइसेंस संचालित पाया गया, जिसे बंद कराया गया। वहीं गाजियाबाद में राहुल अचार वाले से 2400 किलोग्राम दूषित अचार नष्ट किया गया। हाथरस में मेहता एग्रो फूड फैक्टरी से 6300 किलोग्राम अचार नष्ट हुआ। गोरखपुर में रितिमा फूड प्रोडक्ट्स में गंदगी और मानकविहीन निर्माण मिले।
