श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है, जिसके तहत चंपत राय की विदाई के बाद अब कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है, जिसके तहत चंपत राय की विदाई के बाद अब कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिम्मेदारी संभालते ही कृष्ण मोहन ने अपनी पहली औपचारिक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से ट्रस्ट की साख और जनता के भरोसे को बहाल करने पर जोर दिया।
उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि हाल के दिनों में समाज के मन में कुछ बातों को लेकर संशय और अविश्वास का माहौल बना है, जिसे दूर करना ही उनकी सबसे पहली और मुख्य प्राथमिकता होगी।
उन्होंने राम भक्तों को भरोसा दिलाया कि इस अविश्वास के भाव को समाप्त करने के लिए जो भी आवश्यक और कड़े कदम उठाने की जरूरत होगी, ट्रस्ट वह सारे कार्य पूरी निष्ठा के साथ करेगा। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि दर्शन के दौरान दर्शनार्थियों द्वारा किए जाने वाले दान को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एक पुख्ता, पारदर्शी और अभेद्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार
बैठक के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विस्तृत चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने ट्रस्ट के संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस्तीफा दिए जाने के बाद वह स्वतः प्रभावी माना जाता है और ट्रस्ट के पास इसे अस्वीकार करने का कोई विकल्प नहीं है। इसके बाद दोनों के इस्तीफे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिए गए। हालांकि, ट्रस्ट ने चंपत राय द्वारा वर्षों तक राम मंदिर निर्माण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका की सराहना करते हुए उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया।
कृष्ण मोहन को मिली अंतरिम जिम्मेदारी, कीमती सामान गायब होने की बात भ्रामक
चंपत राय के इस्तीफे के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने का दायित्व अंतरिम रूप से कृष्ण मोहन को सौंपा गया है। उन्हें अपनी नई टीम गठित कर सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही ट्रस्ट ने मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें मंदिर से अन्य कीमती वस्तुओं के गायब होने का दावा किया जा रहा था। ट्रस्ट ने साफ किया कि ये बातें पूरी तरह भ्रामक हैं; मंदिर में भेंट स्वरूप प्राप्त लगभग 2,800 प्रकार की सामग्रियों का पूरा रजिस्टर पूरी तरह सुरक्षित है और सभी वस्तुएं अपनी जगह पर हैं। आवश्यकता पड़ने पर इस रिकॉर्ड को सार्वजनिक भी किया जाएगा।
पारदर्शी व्यवस्था के लिए बनेगी समिति, 22 जुलाई को अगली बैठक
भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने के लिए बैठक में एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, नए न्यासियों की नियुक्ति पर विचार होगा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ट्रस्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिलाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में देश भर में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसलिए समाज को ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों और भ्रामक प्रचार से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।
