आजमगढ़। डिजिटल अरेस्ट कर 38 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को शहर कोतवाली क्षेत्र से एक आरोपी स्पर्श सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर दंपती को वीडियो कॉल पर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। चंडीगढ़ पुलिस की टीम गुरुविंदर सिंह के नेतृत्व में आजमगढ़ पहुंची और शहर कोतवाली क्षेत्र के कुर्मी टोला मोहल्ला निवासी स्पर्श सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सीजेएम सत्यवीर सिंह की अदालत में पेश किया गया। यहां से रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे अपने साथ चंडीगढ़ ले गई। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के रायपुर खुर्द निवासी कृष्ण चंद ने आठ जनवरी को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार सात जनवरी की शाम करीब 5.50 बजे उन्हें कई अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस्तेमाल हुआ है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद पुलिस वर्दी पहने व्यक्ति ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर पीड़ित और उनकी पत्नी को डरा-धमकाकर फोन पर ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। ठगों ने व्हाट्सएप पर गिरफ्तारी वारंट समेत अन्य फर्जी दस्तावेज भेजे और खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक बैंक खाते में 38 लाख रुपये जमा कराने का दबाव बनाया। डर के कारण पीड़ित ने कैनरा बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच के दौरान स्पर्श सिंह का नाम सामने आया और उसकी गिरफ्तारी की गई।
पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, हरियाणा और गुजरात में कर चुका है ठगी
आजमगढ़। पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, हरियाणा और गुजरात समेत कई राज्यों में करीब तीन करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और लोगों को झांसा देकर उनसे बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराता था। चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न राज्यों के लोगों को फोन और इंटरनेट के माध्यम से झांसे में लेकर ठगी करता था। उसने पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, हरियाणा और गुजरात में कई लोगों से करीब तीन करोड़ रुपये की साइबर ठगी की है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क और गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक किन-किन लोगों को आरोपी ने अपना शिकार बनाया है।
चंडीगढ़ में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी आजमगढ़ से की गई है। आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर दंपती को वीडियो कॉल पर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। चंडीगढ़ पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड मिलने के बाद उसे अपने साथ ले गई।- मधुबन कुमार सिंह, एसपी सिटी आजमगढ़।
अदालत का निर्देश : आरोपी के स्वास्थ्य का रखा जाए ध्यान, टॉर्चर न किया जाए
आजमगढ़। डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के कुर्मी टोला मोहल्ले से एक आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने आरोपी को 10 मार्च की शाम 5 बजे तक ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ पुलिस को सौंपने का आदेश दिया। साथ ही अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया कि आरोपी स्पर्श सिंह के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए और पूछताछ के दौरान किसी भी प्रकार का टॉर्चर न किया जाए।
