15 दिन में देना होगा बिजली कनेक्शन…नहीं तो नपेंगे जिम्मेदार

वर्तमान में कुछ जेई, एसडीओ और एक्सईएन ऐसे हैं, जो सुविधा शुल्क लेने के बावजूद कार्य नहीं करते। इसकी शिकायतें उच्च प्रबंधन तक पहुंच चुकी हैं।
राजधानी में बिजली आपूर्ति का वर्टिकल सिस्टम एक नवंबर से लागू करने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। 27 अक्तूबर से इसका ट्रायल शुरू होगा, ताकि कानपुर और मेरठ जैसी दिक्कतें यहां न उत्पन्न हों।
ट्रायल अवधि में शहरभर में 21 हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां उपभोक्ताओं को वर्टिकल सिस्टम से जुड़ी प्रक्रियाओं और शिकायत समाधान की जानकारी दी जाएगी।
इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन आवेदकों ने सभी शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें 15 दिन के भीतर मीटर सहित नया बिजली कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिया जाए। नई व्यवस्था के लागू होते ही जेई, एसडीओ और एक्सईएन का इलाकाई अधिकार समाप्त हो जाएगा। अब बिजली विभाग और उपभोक्ता के बीच मुख्य कड़ी के रूप में हेल्प डेस्क काम करेंगे।

एसडीओ कार्यालय की तर्ज पर काम करेगी हेल्प डेस्क
अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में स्थापित होने वाली हेल्प डेस्क एसडीओ कार्यालय की तर्ज पर कार्य करेंगी। वर्टिकल सिस्टम में अधिकांश कार्य ऑनलाइन होंगे। हेल्प डेस्क उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज कर हेल्पलाइन नंबर 1912 पर पंजीकृत करेगी। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता को एक ट्रैकिंग नंबर दिया जाएगा, जिससे वह यह जान सकेगा कि उसकी समस्या के समाधान में कितने दिन लगेंगे और कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं।

जवाबदेही तय, लापरवाही पर सख्ती
वर्तमान में कुछ जेई, एसडीओ और एक्सईएन ऐसे हैं, जो सुविधा शुल्क लेने के बावजूद कार्य नहीं करते। इसकी शिकायतें उच्च प्रबंधन तक पहुंच चुकी हैं। यदि वर्टिकल सिस्टम में ऐसे अधिकारियों को नए कनेक्शन या बिलिंग जैसे संवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी दी गई तो व्यवस्था चरमराने का खतरा रहेगा। नई प्रणाली में प्रत्येक जोन में दो अधीक्षण अभियंता (तकनीकी एवं वाणिज्यिक) सबसे पावरफुल पदाधिकारी होंगे, जिन पर पूरे सिस्टम की कार्यकुशलता निर्भर करेगी।

जिम्मेदारों की बढ़ेंगी मुश्किलें
वर्टिकल सिस्टम में कार्य सिटीजन चार्टर के तहत तय समयसीमा में पूरे करने होंगे। जो अधिकारी समयबद्ध निस्तारण नहीं करेंगे, उनकी जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी।

सिटीजन चार्टर के मुख्य प्रावधान
15 दिन में मीटर लगाकर नया बिजली कनेक्शन देना।
15 दिन में गलत बिल सुधारकर नया बिल उपलब्ध कराना।
7 दिन में खराब मीटर बदलना।
3 दिन में जला हुआ मीटर हटाकर नया लगाना।

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